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Monday, October 1, 2012


पहले -पहल जब 
धरती कुनमुनाई थी 
उसकी गोद मे गिरा था बीज 
वृक्ष होने के लिए 
तब से बंद हूँ मै 
तुम्हारी हथेलियों मे,

पहले पहल जब 
हवा जन्मी थी 
सहेजा था उसने सुगंध 
बनाई थी सांस 
तब से बंद हूँ मै 
तुम्हारी हथेलियों मे,

पहले पहल जब 
बादल उगे थे 
उतरी थीं नदियाँ 
समंदर को गले लगाकर 
बुझाई थी प्यास 
तब से बंद हूँ मै
तुम्हारी हथेलियों मे,

------ सुशीला पुरी 

23 comments:

  1. अपने ही अस्तित्व की स्मृतियाँ .... बेहतरीन कविता

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  2. बहुत ही सुन्दर सुशीला जी काफी दिनों बाद आपकी रचना पढ़ने को मिली धन्यवाद और कभी समय मिले तो http:pankajkrsah.blogspot.com पे भी

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  3. अच्छी रचना
    बहुत सुंदर



    जब भी समय मिले, मेरे नए ब्लाग पर जरूर आएं..
    http://tvstationlive.blogspot.in/2012/09/blog-post.html?spref=fb

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  4. बहुत ही सुन्दर रचना सुशीला जी आभार..

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  5. Badee hee gazab kee rachana hai!

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  6. पहले पहल जब
    बादल उगे थे
    उतरी थीं नदियाँ
    समंदर को गले लगाकर
    बुझाई थी प्यास
    तब से बंद हूँ मै
    तुम्हारी हथेलियों मे,
    Gazab kee rachana hai!

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  7. ...हथेली खोलकर तो देखिए
    मोतियों की पूरी खेप
    तुम्हारी अँजुरी के इंतजार में
    सीप से बाहर
    आने को आतुर है !

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  8. नारित्त्व की परतन्त्रता !
    न जाने कब पायेगी मुक्ति

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  9. पहले -पहल जब
    धरती कुनमुनाई थी
    उसकी गोद मे गिरा था बीज
    वृक्ष होने के लिए
    तब से बंद हूँ मै
    तुम्हारी हथेलियों मे,
    प्यारी रचना
    भा गई मन को
    सादर

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  10. वाह....
    बेहद खूबसूरत रचना....

    सादर
    अनु

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  11. पहले पहल जब
    हवा जन्मी थी
    सहेजा था उसने सुगंध
    बनाई थी सांस
    तब से बंद हूँ मै
    तुम्हारी हथेलियों मे.........,
    सुंदर रचना...............

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  12. सुंदर रचना। बहुत दिनों बाद आपकी पोस्ट पढ़ी। पिछली दफा पहली बार टिप्पणी की थी। तबसे आपकी नई पोस्ट का इंतजार था। बधाई

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  13. सादर आमंत्रण,
    आपका ब्लॉग 'हिंदी चिट्ठा संकलक' पर नहीं है,
    कृपया इसे शामिल कीजिए - http://goo.gl/7mRhq

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  14. नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ... आशा है नया वर्ष न्याय वर्ष नव युग के रूप में जाना जायेगा।

    ब्लॉग: गुलाबी कोंपलें - जाते रहना...

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  15. बहुत सार्थक प्रस्तुति आपकी अगली पोस्ट का भी हमें इंतजार रहेगा महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाये

    आज की मेरी नई रचना आपके विचारो के इंतजार में
    अर्ज सुनिये

    कृपया आप मेरे ब्लाग कभी अनुसरण करे

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  16. प्रिय ब्लागर
    आपको जानकर अति हर्ष होगा कि एक नये ब्लाग संकलक / रीडर का शुभारंभ किया गया है और उसमें आपका ब्लाग भी शामिल किया गया है । कृपया एक बार जांच लें कि आपका ब्लाग सही श्रेणी में है अथवा नही और यदि आपके एक से ज्यादा ब्लाग हैं तो अन्य ब्लाग्स के बारे में वेबसाइट पर जाकर सूचना दे सकते हैं

    welcome to Hindi blog reader

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